मोबाइल का अविष्कार किसने किया और कब हुआ था?

Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya Kab Hua

Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya tha? Or Kab hua Tha? दुनिया का सबसे पहला मोबाइल कौनसा था? फ़ोन बनाने वाले वैज्ञानिक का नाम क्या था? जैसे जैसे सवाल आज सबके मन में उठा हैं? कई बार प्रश्न भी आ जाते हैं। इसे एक तरह के GK भी कहा जा सकता हैं। आज के युग में 2022 में मोबाइल का टेक्नॉलजी काफ़ी आगे निकल चुकी हैं।

विश्व में मोबाइल का उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हैं। आज के मोबाइल Touch Screen, internet सुविधा, Calling, SMS, Entertainment के लिए भी उपलब्द हो गया हैं। जिसमें movie, TV, Recharge, News Khabar, Data Information सभी प्रकार की जानकारी सिर्फ़ मोबाइल से प्राप्त होने लगा हैं। दुनिया भर की जानकारी घर बैठे मोबाइल से मिलने गया हैं।

आज के युग में मोबाइल की लत भी काफ़ी ज़्यादा लग गयी हैं। इसका हर किसी के मन में अलग अलग विचार हैं, किसी के मन से मोबाइल ग़लत हैं। किसी के नज़रों में सही लगता हैं। इसका परिणाम दोनो ही हैं। परंतु इसका फ़ायदेमंद काफ़ी ज़्यादा देखने को मिला हैं

देश में स्मार्टफोन इंडस्ट्री में चल रही ग्रोथ के चलते आज हर व्यक्ति के पास स्मार्टफोन हैं! बिना स्मार्टफोन के तो आज एक तरह से जीवन की कल्पना भी मुश्किल हैं। आज के इस डिजिटल समय मे कई काम स्मार्टफोन से घर बैठे हो जाते फिर चाहे वह पैसे भेजना हो या फिर खरीददारी करना हो। लेकिन क्या अपने कभी सोचा हैं कि इसकी शुरुआत कहा से हुई अर्थात ‘मोबाइल का आविष्कार किसने किया‘ (Mobile Ka Aavishkar Kisne Kiya) और ‘मोबाइल का अविष्कार कब हुआ‘? अगर नहीं! तो यह लेख पूरा पढ़े क्योंकि इस लेख में हम इस विषय पर पूरी जानकारी आसान भाषा में देने वाले हैं।

Mobile क्या होता हैं?

मोबाइल के आविष्कार के बारे में हम विस्तार से बात करेंगे लेकिन इससे पहले यह जानना जरुरी हैं कि आखिर मोबाइल क्या होता हैं? क्या यह इंटरनेट का उपयोग करने के लिए बनाया गया या फिर इसका काम SMS भेजना है? दरअसल एक मोबाइल या कहे तो फ़ोन का काम Human Voice को ट्रांसफर करना हैं। सरल भाषा मे अगर मोबाइल को समझा जाये तो मोबाइल एक ऐसा उपकरण हैं जिसके माध्यम से दो व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी आपस में बात कर सकते हैं और एक दूसरे की आवाज को सुन सकते हैं‘। यानी कि मोबाइल के द्वारा एक या अधिक व्यक्ति से अलग अलग होते भी जुड़ा जा सकता हैं।

वर्तमान समय मे मोबाइल काफी आधुनिक हो गया। आज के समय मे मोबाइल से न केवल कॉल किया जा सकता है बल्कि इंटरनेट व अन्य कई आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए कई तरीकों से लोगो से जुड़ा जा सकता हैं जैसे कि Social Media और Messaging Apps! इसके अलावा इंटरनेट के उपयोग के द्वारा मोबाइल से ही Entertainment और शिक्षा दोनो मिल सकती हैं। अन्य कई कामो जैसे कि पैसो का लेन-देन और खरीददारी आदि के लिये भी स्मार्टफोन्स को काम मे लिया जाता हैं। लेकिन मोबाइल का मुख्य काम कॉल करना ही होता हैं।

Mobile का आविष्कार किसने किया?

Mobile Phone Ka Avishkar Martin Cooper invented Made hindi

मोबाइल एक प्रकार का पोर्टेबल डिवाइस होता है जो लोगों को कनेक्ट करता है लेकिन मोबाइल के आविष्कार की शुरुआत तभी से हो चुकी थी जब एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था। टेलीफोन के आविष्कार के बाद लोगों ने इस नई टेक्नोलॉजी को काफी पसंद किया और यह मानवता के लिए सबसे बड़े और फायदेमंद आविष्कारों में से एक भी साबित हुआ। लेकिन लोगो को अधिक सुविधा देने के लिए इसे पोर्टेबल बनाने की जरूरत थी जिसके लिए कई वैज्ञानिक और कंपनियां काम कर रही थी।

मोटोरोला भी उन कंपनियों में से एक थी जो टेलीफोन के आविष्कार को बेहतर बनाकर छोटा और एडवांस बनाना चाहती थी जिससे कि लोग आसानी से एक दूसरे से जुड़ सके वह भी बिना किसी रूकावट के। आखिरकार मोटोरोला के एक इंजियनियर ‘Martin Cooper‘ (मार्टिन कूपर) ने यह कर दिखाया। मार्टिन कूपर एक अमेरिकी इंजियनियर थे जिनकी मुख्य रुचि टेलीकॉम के सेक्टर में थी और वह एक ऐसा डिवाइस बनाना चाहते थे जिसमें बिना केबल (वायर) के Human Voice को ट्रांसफर किया जा सके अर्थात कॉल की जा सके जिसके चलते वह वायरलेस तकनीक पर काम कर रहे थे।

आखिरकार मार्टिन की मेहनत रंग लाई और वह दुनिया के पहले मोबाइल फोन के आविष्कार में सफल हुए। मार्टिन के द्वारा बनाया गया। दुनिया का पहला मोबाइल फोन ‘The DynaTAC Phone’ (द डायनाटेक फ़ोन) था जिसकी कीमत 2700 अमेरिकी डॉलर (करीब 2 लाख रुपये) थी। दुनिया के पहले मोबाइल को चार्ज करने में 10 घंटे का समय लगता था और एक बार फुल चार्ज होने के बाद यह मोबाइल फोन 30 मिनट तक चलता था। आज के समय के हिसाब से आपको यह थोड़ा कम लगेगा लेकिन उस समय पर यह विश्व के सबसे बड़े अविष्कारों में से एक था।

मोबाइल का आविष्कार कब हुआ था?

करीब 1876 में एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने अपने नए अविष्कार टेलीफोन से पूरी दुनिया को इंट्रोड्यूस करवाया था और यह आविष्कार उस समय के सबसे बड़े अविष्कारों में से एक था। जो संचार के क्षेत्र में एक रेवोल्यूशन लाया था। लेकिन यह पहला टेलीफोन पूरा वायरिंग सिस्टम पर डिपेंड करता था। इसके बाद Guglielmo Marconi नाम के एक वैज्ञानिक ने 1890 में वायरलेस टेक्नोलॉजी से दुनिया को इंट्रोड्यूस करवाया जो एक एडवांस्ड टेक्नोलॉजी थी और लोगो की सोच से कही आगे थी।

टेलीफोन का आविष्कार काफी लोकप्रिय हुआ और यह टेक्नोलॉजी तेजी से दुनिया में आगे बढ़ रही थी। और वहीं दूसरी तरफ वॉयरलैस टेक्नोलॉजी में नए नए आविष्कारों में उपयोग की जा रही थी। ऐसे में कई इंजीनियर और कंपनियां इन दोनों को मिलाकर एक ऐसा आविष्कार करना चाहते थे। जिसमें वॉयरलैस टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए Human Voice ट्रांसफर की जा सके। अर्थात कॉल किया जा सके। आख़िरकार मार्टिन कूपर ने Motorola में काम करते हुए एक ऐसा उपकरण तैयार कर लिया। साल 1973 में 3 अप्रेल के दिन दुनिया के पहले मोबाइल को लोगों के सामने लाया गया।

दुनिया का सबसे पहला Phone कौनसा था?

The DynaTAC Phone दुनिया का सबसे पहला मोबाइल फोन हैं। यह The DynaTAC Phone सबसे पहला मोबाइल फ़ोन बना था। जो वजन में 1.1 Kg (किलोग्राम) था।

Mobile Ka Avishkar Kisne Kab Hua

दुनिया के सबसे पहले Mobile फ़ोन का नाम क्या था?

जैसा कि हमने आपको बता की Martin Cooper के द्वारा 1973 में टेलिफोन टेक्नोलॉजी और वायरलेस टेक्नोलॉजी को मिलाकर एक ऐसा उपकरण तैयार किया गया। जिसमें बिना किसी वायर के ह्यूमन वॉइस को ट्रांसफर किया जा सकता था। और इसे मोबाइल फोन कहा गया था।

दुनिया के इस पहले मोबाइल फोन का नाम ‘The DynaTAC Phone‘ (द डायनाटेक फ़ोन) था। जो Martin Cooper के द्वारा बनाया गया था। और अमेरिकी कम्पनी मोटरोला के द्वारा बेचा जा रहा था। क्योंकि Martin Cooper मोटोरोला में ही काम करने वाले एक इंजीनियर थे।

मोटरोला के द्वारा पहले स्मार्टफोन द डायनाटेक फ़ोन को लांच करने के बाद करीब एक दशक तक इसे बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही थी। इसके अलावा देश मे वायरलेस टेक्नोलॉजी अर्थात सेल्यूलर नेटवर्क को भी बढ़ाया जा रहा था। जिससे की सामान्य लोग अर्थात हर कोई Mobile Phones का इस्तेमाल कर सके। पहले मोबाइल फोन के लांच के करीब 10 साल बाद मोटोरोला ने सामान्य लोगों के लिए ‘Motorola DynaTAC 8000X‘ लॉन्च किया। जो पहले मोबाइल फ़ोन के मुकाबले थोड़ा अधिक बेहतर और एडवांस था।

Motorola DynaTAC 8000X के बारे में सामान्य जानकारी

यह बात हम सभी भली-भांति जानते हैं कि Motorola ही वह कंपनी थी। जिसने स्मार्टफोन इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया। और मोटोरोला के आने के बाद ही अन्य कंपनियां इस क्षेत्र में आई। और इस क्षेत्र को आगे बढ़ने में मदद मिली। Motorola के द्वारा 1986 में सामान्य तौर पर लोगों के लिए लांच किया गया।

स्मार्टफोन Motorola DynaTAC 8000X था। जो उस समय बेचा जा रहा इकलौता स्मार्टफोन था। इस फ़ोन की कीमत 3995$ डॉलर्स (करीब 2.80 लाख रुपये) रखी गयी।

Motorola DynaTAC 8000X मार्टिन कूपर के द्वारा बनाये गए ‘The DynaTAC Phone‘ के मुकाबले काफी अधिक एडवांस था। इस मोबाइल फोन को कम समय में चार्ज किया जा सकता था। और एक बार चार्ज होने के बाद इस मोबाइल फोन की बैटरी करीब 6 घंटे तक चलती थी।

इसके अलावा इस मोबाइल फ़ोन में एक साथ करीब 30 Contact Numbers को Save भी किया जा सकता था। और साथ ही यह Celluar Networks के साथ बेहतर परफॉर्म करता था। यानी कि इसकी Fetching Power भी बेहतर थी।

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मोबाइल के अविष्कारक मार्टिन कूपर का जीवन परिचय

वर्तमान समय में स्मार्टफोन का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। लेकिन आज हम इतने आधुनिक और एडवांस स्मार्टफोंस का उपयोग केवल इसलिए ही कर पा रहे हैं।

क्योंकि मार्टिन कूपर में साल 1973 में दुनिया के पहले मोबाइल का आविष्कार किया था। जो उस समय के आधुनिक आविष्कारों में से एक था। तो ऐसे में दुनिया के पहले मोबाइल के अविष्कारक मार्टिन कूपर का जीवन परिचय तो जानना बनता ही है। तो चलिए इसकी तरह एक नजर डालते हैं-

फ़ोन का अविष्कार मार्टिन कूपर की जीवन कहानी

सदी के सबसे महान अविष्कारों में से एक मार्टिन कूपर का जन्म 26 दिसम्बर 1928 को अमेरिका के इलेनोइस राज्य के शिकागो शहर में हुआ था। उन्हें शुरुआत से ही प्रौद्योगिकी में काफी रुचि थी और उनका मुख्य ध्यान वायरलेस टेक्नोलॉजी पर था। अपनी सामान्य शिक्षा पूरी करने के बाद मार्टिन कूपर ने इलेनॉइस राज्य की लोकप्रिय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी ‘Illinois Institute of Technology’ में एडमिशन ले लिया था। जहां उन्होंने Wireless Technology के बारे में जाना। और इसी क्षेत्र में आगे जाने का फैसला किया।

साल 1954 में ही Martin उस समय दूरसंचार के क्षेत्र में एक उच्च स्तर पर काम कर रही कंपनी मोटोरोला के साथ जुड़ गए थे। और 1970 में उन्हें कंपनी की ग्रोथ में उनके योगदान की वजह से ‘एग्जेक्युटिव‘ का पद भी दिया गया था। मार्टिन एक ऐसा उपकरण बनाना चाहते थे, जिसमें वायरलेस टेक्नोलॉजी का उपयोग करके ह्यूमन वॉइस को ट्रांसफर किया जा सके। अर्थात एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से बिना वायर के बात कर सके। आखिरकार 1973 में Martin Cooper ने सफलता हासिल की और दुनिया को मिला पहला मोबाइल फ़ोन! जो था द डायनाटेक फ़ोन।

भारत मे पहला मोबाइल कब आया?

वर्तमान समय में भारत का नाम दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां सबसे अधिक मोबाइल यूजर रहते हैं। और पिछले कुछ सालों में भारत में मोबाइल का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या काफी तेजी से भी बढ़ी है।

क्या आप जानते हैं कि भारत में पहला मोबाइल कब आया था। दरअसल भारत मे पहला मोबाइल 1983 में ही आ गया था। जब मोटोरोला ने अपने मोबाइल को सामान्य लोगो के लिए वैश्विक स्तर पर लांच किया था। लेकिन मोबाइल सर्विस की शुरुआत देश मे 1995 में हुई थी। और तब जाकर देश मे पहली बार मोबाइल का उपयोग किया गया था।

भारत मे पहली बार मोबाइल का उपयोग कब किया गया था?

जैसा कि हमने आपको बताया कि भारत में पहली बार मोबाइल तो 1983 में ही आ गया था। और लाने वाली कंपनी का नाम भी मोटरोला ही है क्योंकि मोटरोला वैश्विक स्तर पर अपनी इस नई टेक्नोलॉजी को बेच रही थी। लेकिन भारत में उस समय सेल्यूलर नेटवर्क की पर्याप्त सुविधा ना होने के चलते इसका उपयोग नहीं किया जा सकता था। भारत में पहली बार मोबाइल का उपयोग 31 जुलाई 1995 को किया गया। जब देश के दूरसंचार मंत्री श्री सुखराम ने उस समय के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री श्री ज्योति बासु से मोबाइल पर बात की थी।

भारत में पहले मोबाइल सर्विस किसने उपलब्ध करवाई थी?

अगर किसी देश में मोबाइल हो लेकिन मोबाइल सर्विस अर्थात सेल्यूलर सेवा ही ना हो तो वह मोबाइल किसी काम का नहीं। भारत में पहली बार मोबाइल सर्विस उपलब्ध करवाने वाली कंपनी का नाम नाम MobileNet था। जिसे Modi Telstra’s MobileNet भी कहा जाता था। यह भारतीय कम्पनी Modi Group और विदेशी कम्पनी Telstra का एक जॉइन वेंचर था। जिसके चलते देश का पहला मोबाइल कॉल भी सफल हो पाया। और इस क्षेत्र का विस्तार हो सका। अगर बात की जाए वर्तमान की तो आज भारतीय टेलीकॉम कंपनियां जैसे कि भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है।

भारत मे कितने लोग मोबाइल का उपयोग करते हैं?

यह बात हम सभी को माननी पड़ेगी कि मार्टिन कूपर सदी के सबसे बड़े अविष्कारको में से एक हैं। जिन्होंने विश्व के पहले मोबाइल फोन का आविष्कार किया।

क्योंकि वर्तमान में मोबाइल फोन दुनिया में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले उपकरणों में से एक है। जिसका अरबों लोग प्रतिदिन उपयोग करते हैं।

अगर बात की जाए भारत में मोबाइल का उपयोग करने वाले लोगो की संख्या कितनी हैं? तो एक आंकड़े के मुताबिक वह 121 करोड़ हैं। 121 करोड़ मोबाइल यूजर्स में से 44.6 करोड़ मोबाइल यूजर्स के पास स्मार्टफोन है। इसके अलावा भारत में मोबाइल का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।

दुनिया मे कितने लोग मोबाइल का उपयोग करते है?

वैसे दुनिया में आए दिन विभिन्न तरह के कई आविष्कार होते हैं। लेकिन कुछ ही आविष्कार ऐसे होते हैं जो काफी उपयोगी होते हैं। और एक तरह से मानवता का हिस्सा बन जाते हैं। और ऐसा ही एक आविष्कार मोबाइल भी है। मोबाइल का आविष्कार दुनिया के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ और काफी तेजी से भी फैला।

अगर बात की जाए ‘दुनिया में कितने लोग मोबाइल का उपयोग करते हैं‘ के विषय पर दो एक आंकड़े के अनुसार वर्तमान में दुनिया में 529 करोड से भी अधिक लोग मोबाइल का उपयोग करते हैं। कई ऐसे देश में मौजूद है। जहां कई जगहों पर पानी आदि की सुविधा तक नहीं है, लेकिन मोबाइल के पूरी सुविधा मौजूद है।

निष्कर्ष

यह बात हम सभी जानते हैं कि मोबाइल के बढ़ते उपयोग की वजह से इस दुनिया के सबसे बड़े अविष्कारों में से एक माना जाता है लेकिन आज भी कई लोगों को यह नहीं पता कि ‘मोबाइल का आविष्कार किसने किया’ और मोबाइल का आविष्कार कब हुआ और यही कारण है कि हमने यह लेख लिखा है। इस लेख में हम ने ना केवल ‘मोबाइल के अविष्कारक का नाम’ बताया बल्कि इस विषय से सम्बंधित काफी सारी महत्वपूर्ण जानकारी आसान भाषा मे दी।

मुझे उम्मीद हैं, आपको मोबाइल का अविष्कार किसने किया था?, और फ़ोन का अविष्कार कब हुआ? दुनिया में सबसे पहला मोबाइल फ़ोन कौनसा था? इसके वैज्ञानिक का नाम क्या हैं? जैसे सभी प्रकार के जानकारी हिंदी में पेश किया हैं। आशा हैं, आपको सभी जानकारी मिल गयी हैं। यदि आपको यह लेख पसंद आया हैं। तो Social Media पर ज़रूर Share करें।

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