बल्ब का आविष्कार किसने किया और कब हुआ?

Bulb Ka Avishkar Kisne Kab Hua

Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya Tha? Or Kab Hua? वर्तमान समय में हमारी दुनिया इतनी तेजी से विकास कर रही है। कि हम छोटी-छोटी चीजों के महत्व को भूलते जा रहे हैं। आज से कुछ सालों पहले अंधेरे को दूर करने के लिए दीया, मोमबत्ती और मशाल जैसी चीजो का उपयोग किया जाता था। लेकिन जब थॉमस एल्वा एडिशन ने पहली बार बिजली से चलने वाली बल्ब बनाया था। तब मानो पूरी दुनिया ही बदल डाली। पहले के जमाने में चिमनी जैसे चीजों का इस्तेमाल करके रोशनी की जाती थी। परंतु इससे कुछ जोखिम दुर्घटना भी होती थी। अब बल्ब का अविष्कार हो जाने के बाद सब कुछ बदल गया। लेकिन वर्तमान समय में हमारे पास एक से बढ़कर एक आधुनिक लाइटें मौजूद है। और यहां तक कि आज तो स्मार्ट लाइटें भी आ चुके हैं। जो आपकी आवाज या आपके मोबाइल से भी कंट्रोल हो जाती।

लेकिन क्या आपने सोचा है कि इन सब की शुरुआत कहां से हुई थी। अर्थात बल्ब का आविष्कार किसने किया था और बल्ब का आविष्कार कब हुआ था? Electric Bulb की खोज किसने की? अगर आपको भी इन सवालों का जवाब जानना है तो यह लेख पूरा पढ़े। क्योंकि इस लेकिन हमने बल्ब के आविष्कार की पूरी जानकारी आसान भाषा में दी हैं।

बल्ब क्या होता हैं?

इस लेख में हम बल्ब के आविष्कार के बारे में विस्तार से बात करेंगे। और “बल्ब के आविष्कारक कौन थे” के बारे में भी जानेंगे। लेकिन इससे पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर बल्ब क्या होता हैं? तो बता दे कि की ‘बल्ब एक ऐसा उपकरण होता हैं जो अंधेरे के समय या फिर जरूरत पड़ने पर रोशनी प्रदान करता हैं‘। अगर थोड़ा टेक्निकल भाषा मे बात करे तो, बल्ब एक तरह का लाइट ग्लोब होता हैं। जिसमे कुछ तार होते है जिनमे से एक स्पेसिफिक तार के फिलामेंट को तब तक गर्म किया जाता हैं। जब तक वह Glow ना करने लगे। इस प्रक्रिया के दौरान फिलामेंट को ऑक्सीकरण से बचाने के लिए Vaccume या Inert Gas को कांच के बल्ब में अटेच किया जाता हैं।

बल्ब के आविष्कार का महत्व

वर्तमान में हमारे पास बल्ब या फिर कहा जाए तो Electronic Lights के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक आविष्कार मौजूद है। तो ऐसे में हमे एक पीली रोशनी देने वाले साधारण बल्ब का आविष्कार महत्वपूर्ण नही लगेगा। लेकिन असलियत यह हैं कि अगर कभी उस साधारण बल्ब का आविष्कार ना हुआ होता। तो शायद हमारे पास आज LED Lights, Smart Electronics और ना जाने कितनी सुविधाए ना होती। क्योंकि उस समय आविष्कार की गई चीजो और टेक्नोलॉजी में लगातार इम्प्रूव करते हुए ही हम आज के आधुनिक समय तक पहुँचे हैं। इसके अलावा जिस समय लोग रोशनी के लिए मोमबत्ती और मशाल जैसी माध्यमो का उपयोग करते थे। उस समय इसका आविष्कार विज्ञान की एक बड़ी उपलब्धि थी।

बल्ब का आविष्कार जिस समय हुआ था। उस समय यह लोगो के लिए एक जादू जैसा था। लेकिन केवल इसके आविष्कारक और विज्ञान से जुड़े अन्य लोग ही इसके पीछे की साइंस समझ पाते थे। जिस समय बल्ब का आविष्कार हुआ उस समय यह विज्ञान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक था। या फिर कहा जाए तो मानवता को आगे बढाने या मनुष्यो के जीवन को आसान बनाने में इसका एक महत्वपूर्ण योगदान था। यही कारण हैं कि बल्ब के आविष्कार को अब तक के सबसे बड़े आविष्कारों में से एक माना जाता हैं। ऐसे में हमें पता होना चाहिए कि ‘बल्ब का आविष्कार किसने किया‘ और ‘बल्ब का आविष्कार कब हुआ‘ तो चलिए जानते हैं इन विषयो के बारे में।

Bulb का आविष्कार किसने किया?

बल्ब का आविष्कार अब तक के सबसे बड़े आविष्कारों में से एक हैं। यही वह आविष्कार हैं जिसके चलते हम आज अँधेरे में भी विभिन्न कार्यो को करने में सक्षम हैं। कई बार हमारे दिमाग मे यह सवाल आ जाता हैं कि आखिकरार ‘बल्ब का अविष्कार किसने किया‘? तो बल्ब का आविष्कार करने वाले व्यक्ति का नाम ‘थॉमस एल्वा एडिशन‘ था। थॉमस एल्वा एडिशन उस समय के एक महान अविष्कार थे जिन्होने केवल बल्ब का ही नहीं बल्कि ग्रामोफ़ोन, इलेक्ट्रिक पेन, मूवी कैमरा और इन जैसे कई महत्वपूर्ण अविष्कार किये लेकिन इन्हे मुख्य रूप से बल्ब के आविष्कार के लिए ही जाना जाता हैं क्यूकी वह उनका सबसे बड़ा अविष्कार हैं।

बल्ब का आविष्कार कब हुआ?

“बल्ब का आविष्कार थॉमस एल्वा एडिशन ने 1879 में किया था”

वर्तमान में बल्ब या फिर कहा जाये तो इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स का क्षेत्र काफी ज्यादा आगे बढ़ चूका है। या फिर कहा जाये तो विकसित हो चूका हैं। अब तो हमारे फोन में भी फ़्लैश लाइट्स आने लगी हैं। जो वाकई में काफी ज्यादा सक्षम भी है। लेकिन जब बल्ब का अविष्कार हुआ यह विज्ञान के लिए या फिर कहा जाए तो मानवता के लिए एक बड़ी उपलब्धि था। बल्ब का अविष्कार किसने किया? इसके बारे में हम आपको बता चुके हैं। लेकिन अब सवाल आता हैं कि ‘बल्ब का अविष्कार कब हुआ?’ या फिर ‘थॉमस एल्वा एडिशन ने बल्ब का अविष्कार कब किया?’ तो इसका जवाब हैं 1879! बल्ब का आविष्कार थॉमस ऐल्वा एडीसन ने 1879 में किया था।

बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ?

Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya Thomas Alva Edison.jpg

दिन में सूर्य हमें रोशनी देता है लेकिन शाम होते-होते वह रोशनी कम हो जाती है। और रात में वह रोशनी पूरी तरह से खत्म हो जाती है। और उसके बाद अगले कई घंटे तक सूर्योदय तक रोशनी नहीं मिलती। ऐसे में अंधेरे के समय में अक्सर रोशनी की जरूरत होती है और काफी सारी ऐसी जगह होती है। जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती तो वहां पर हर समय रोशनी की जरूरत होती है। पुराने समय में ऐसे मौकों पर रोशनी प्राप्त करने के लिए आग का उपयोग किया जाता था। लेकिन आग भी कुछ समय तक ही जलती थी। और साथ में यह एक निर्धारित सीमा तक ही रोशनी पहुंचा पाती थी।

यही कारण था कि इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोग एक ऐसा उपकरण तैयार करना चाहते थे। जो अंधेरे में रोशनी दे सके और लंबे समय तक चल सके। यही से शुरू होती हैं। बल्ब के अविष्कार की कहानी! साल 1800 में एक इटेलियन आविष्कारक Alessandro Volta ने इलेक्ट्रिसिटी को जनरेट करने के लिए पहला प्रैक्टिकल मेथड Voltaic Pile तैयार किया। इसे इन्होने लंदन की रॉयल सोसाइटी में प्रस्तुत किया। और इनका यह मेथड दुनिया के सामने आया। इसके बाद एक इंग्लिश केमिस्ट और आविष्कारक Humphry Davy ने Voltaic Pile को Charcoal Electrodes से जोड़कर दुनिया का पहला इलेक्ट्रॉनिक तैयार किया। जिसे Electric Arc Lamp के रूप में जाना जाता हैं।

Humphry Davy का Electric Arc Lamp एक तरह से Alessandro Volta के Voltaic Pile में एक इम्प्रूवमेंट तो था। लेकिन अब भी रौशनी के लिए एक प्रैक्टिकल सोर्स नहीं था। यह कुछ समय में ही जल जाता था और साथ ही इसकी रौशनी घर या वर्कस्पेस के लिए काफी ज्यादा थी। तो ऐसे में इसे सामान्य तौर से काम में नहीं लिया जा सकता था। लेकिन Davy के द्वारा बनाये गए Electric Arc Lamp के सिद्धांतो ने एक तरह से इस क्षेत्र में काम कर रहे आविष्कारकों को एक तरह से मार्गदर्शन या फिर कहां जाए तो प्रेरणा देने का काम किया।

इसके बाद साल 1840 में Warren de la Rue ने कॉपर की जगह पर Coiled Platinum Filament का इस्तेमाल करते हुए एक बेहतर लाइट बल्ब का अविष्कार किया जो Davy के इलेक्ट्रिक आर्क लैंप के मुकाबले काफी एफिशिएंट भी था लेकिन प्लैटिनम के काफी महंगे और काफी सीमित होने के चलते यह सामान्य कॉमर्शियली सफल नहीं हो सकता था। इसके बाद साल 1848 में इंलिश इन्वेंटर William Staite ने एक Clockwork Mechanism का उपयोग करते हुए Electric Arc Lamp की लाइफ को बढ़ाने की कोशिश की लेकिन बैटरी की लागत के कारण यह भी आविष्कारक के लिए एक नुकसान का सौदा रहा।

पिछले सभी आविष्कार इसलिए असफल हुए थे क्योंकि उनमें बल्ब अधिक समय तक नहीं जलाया जा सकता था और अगर वह जलाया जा रहा था तो उसमें काफी ज्यादा लागत लग रही थी जो आविष्कार को कमर्शियल रूप से आगे बढ़ने से रोक रही थी और यह बात Joseph Swan समझ चुके थे। उन्होंने 1850 में पिछले आविष्कारकों की बल्ब को कोस्ट-इफेक्टिव बनाने की समस्या से निपटारा किया और उन्होंने बल्ब में प्लेटिनम और कॉपर की जगह Carbonized Paper Filaments का इस्तेमाल किया। यूनाइटेड किंगडम में स्वान ने 1878 में इसके लिए एक पेटेंट भी प्राप्त किया।

स्वान ने ऑक्सीजन के एक्सपोजर को कम करने के लिए फिलामेंट को वेक्यूम ट्यूब में रखा लेकिन उस समय की वेक्यूम ट्यूब आज जितनी कैपेबल नहीं थी। प्रदर्शन के लिए उनका प्रोटोटाइप बेहतर था लेकिन वह सामान्य उपयोग के लिए प्रैक्टिकल साबित नहीं हुआ और यही कहानी शुरू हुई Thomas Alva Edison की! Thomas ने पहले के सभी बल्ब आविष्कारों का ठीक से अध्ययन किया और पाया की Joseph Swan के साथ मुख्य समस्या फिलामेंट की थी। उन्होंने समझ लिया था की Electrical Resistance वाला एक पतला फिलामेंट बल्ब को प्रेक्टिकल बना देगा। उन्होंने अपने बल्ब को तैयार किया जो प्रेक्टिकल था और 1879 में उसे लोगो के सामने लाये।

Joseph Swan और Thomas Edison में से बल्ब का आविष्कारक कौन है?

कुछ लोगों का मानना है कि जोसफ स्वान ने बल्ब का आविष्कार किया था तो कई लोग यह भी मानते हैं कि थॉमस एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया था। दरअसल जोसफ स्वान के द्वारा किया गया बल्ब का आविष्कार पूरी तरह से प्रेक्टिकल नहीं था जबकि थॉमस ने पूर्ण रूप से एक प्रैक्टिकल बल्ब तैयार कर लिया था। लेकिन थॉमस ने जब अपने आविष्कार को पब्लिक किया तो जोसफ स्वान ने भी अपने अविष्कार में सुधार करते हुए बल्ब बनाकर बेचने के लिए एक कंपनी तैयार कर ली। थॉमस एडिसन ने पेटेंट के उल्लंघन के लिए एक मुकदमा दायर जरूर किया लेकिन यहां जोसेफ स्वान का पेटेंट अधिक मजबूत था। अंत में दोनों ने साथ मिलकर Edison-Swan United का गठन किया जो उस समय दुनिया की सबसे बड़ी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग कंपनी बन गई।

दुनिया का सबसे पहला बल्ब

आपने electric bulb तो देखा होगा। लेकिन दुनिया का सबसे पहला बल्ब किसने बनाया था। लेकिन जो सबसे पहले बल्ब बनाया था। एडिसन ने कुछ इस तरह बल्ब बनाया था। जिसकी image नीचे दिखाई गयी हैं। आगे से नुकीली और लम्बी बनायी थी। जो कुछ इस तरह था। नीचे देखें-

Bulb Ka Avishkar Kab Hua

बल्ब के आविष्कार में Thomas Alva Edition का योगदान

बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ अर्थात ‘बल्ब के आविष्कार का पूरा इतिहास’ तो हम आपको बता चुके हैं तो ऐसे में अब आप यह भी समझ चुके हैं कि थॉमस एल्वा एडिसन ने शुरुआत से ही बल्ब का आविष्कार नहीं किया बल्कि यह काफी पहले से चल रहा था लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से बल्ब का आविष्कार असफल हो जाता था और एक प्रैक्टिकल बल्ब बन ही नहीं पा रहा था। थॉमस अल्वा एडिसन ने पिछले आविष्कारों को अध्ययन करके उन्हें इंप्रूव किया और पहली बार एक प्रैक्टिकल बल्ब तैयार किया जो काफी ज्यादा एफिशिएंट था और कमर्शियली भी सफल हुआ।

सरल भाषा में अगर समझा जाए तो थॉमस अल्वा एडिसन के अलावा भी काफी सारे लोगों को बल्ब के महत्वपूर्ण आविष्कार का श्रेय दिया जाता है लेकिन अगर बात की जाए आखिर के आविष्कार का मुख्य श्रेय किसे दिया जाता है या दिया जाना चाहिए तो वह थॉमस अल्वा एडिसन ही है। थॉमस ने पहली बार एक प्रैक्टिकल बल्ब तैयार किया और ना केवल इसे तैयार किया बल्कि अपनी कम्पनी के द्वारा इसे बेचना भी शुरू किया। उन्होंने अपनी कंपनी को दुनिया की सबसे बड़ी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग कंपनी बनाकर पूरी दुनिया तक बल्ब के आविष्कार को पहुंचाया जिससे कि हर कोई इस आविष्कार का फायदा उठा सके।

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Thomas Alva Edison की जीवनी

थॉमस अल्वा एडिसन अब तक के सबसे बड़े और महान आविष्कारको में से एक है जिन्होंने न केवल बल्ब का आविष्कार किया बल्कि अन्य कई उपयोगी आविष्कार भी किये जो लोगो के जीवन को अधिक आसान बनाने में उपयोगी साबित हुए। अगर हम थोड़ी गहराई से सोचे तो थॉमस अल्वा एडिसन के द्वारा किया गया बल्ब का आविष्कार सबसे बड़े आविष्कारों में से एक है जिसके सिद्धांतों का उपयोग करते हुए आगे ना जाने कितने आविष्कार हुए और उन आविष्कारों में इंप्रूवमेंट हुई। तो ऐसे में थॉमस एल्वा एडिसन की जीवनी के बारे में जानना तो बनता ही है।

थोमस एल्वा एडिसन का जन्म Ohio के Milan नामक एक गाँव में हुआ था लेकिन 1854 में उनका परिवार Indiana के एक शहर Michigan City में रहने चला गया तो वह वही पर थॉमस बड़े हुए थे। उनके पिता का नाम Samuel Ogden Edison Jr था तो उनकी माता का नाम Nancy Matthews Elliott था। एडिसन की माता एक स्कुल अध्यापिका थी तो एडिसन ने पढ़ना-लिखना उन्ही से सीखा था। एडिसन केवल कुछ महीनो तक ही स्कुल जा पाए थे लेकिन उनके बारे में कहा जाता हैं की एडिसन उन लोगो में से एक थे जो खुद पढ़कर ही चीजों को सीखा करते हैं।

बचपन में आये एक बुखार के कारण एडिसन को सुनने की समस्या हो चुकी थी। वह एक कान से बिलकुल नहीं सुन पाते थे। तो एक कान से भी काफी कम सुन पाते थे। कुछ लोगो का मानना हैं की उन्हें ADHD नामक एक बीमारी थी। एडिसन ने अपने शुरुआती जीवन में ही काम करना शुरू कर दिया था। एडिसन काफी कम उम्र में ही ट्रेन में जाकर सब्जिया, कैंडी और अख़बार आदि बेचर अपना जेब-खर्च निकालते थे। उनके बारे में कहा जाता हैं की वह मात्र 13 साल की उम्र में ही इन कामो से एक सप्ताह में 50 डॉलर का प्रॉफिट बनाने में सक्षम थे।

एक बार एडिसन ने 3 साल की एक लड़की को रेल पटरी में फसने से बचा लिया था। जिसके पिता J. U. MacKenzie एक स्टेशन एजेंट थे। थॉमस एडिसन के इस काम से खुश होकर स्टेशन एजेंट J. U. MacKenzie ने एडिशन को टेरेग्राफ ऑपरेटर के रूप में ट्रैन किया। एडिशन की पहली टेलीग्राफी जॉब Grant Trunk Railway पर Stratford Junction में थी जो की Ontario में था। एक रिपोर्ट के अनुसार एडिसन को एक निकट टक्कर के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। एडिसन ट्रैन में Qualitative Analysis का अध्ययन करते थे और साथ ही ट्रैन में रासायनिक प्रयोग भी किया करते थे जिज़के चलते अंत में उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।

नौकरी के जाने के बाद एडिसन ने सड़क पर अखबारों को बेचने का एक विशेष अधिकार प्राप्त कर लिया था। उन्होंने 4 लोगो को काम पर रखा और Grand Trunk Herald को टाइप करके प्रिंट करके बेचने का काम शुर कर दिया। वह इसे अन्य अखबारों के साथ बेचा करते थे। जिससे की इसकी बिक्री बढ़ने लगी थी। यानि की हम यह समझ सकते हैं एडिसन ना केवल एक अच्छे इन्वेंटर थे। बल्कि एक अच्छे व्यवसायी भी थे। एडिसन ने एक व्यवसायी के रूप अपनी प्रतिभा की खोज की थी। एडिसन ने कई कम्पनियो का गठन किया था। जिनमे से एक General Electric भी थी जो आज भी विश्व की बड़ी कम्पनियो में गिनी जाती हैं।

साल 1966 में 19 साल की उम्र में एडिसन Louisville नाम के एक शहर में रहने चले गए। जो Kentucky और Indiana के बॉर्डर पर था। लुइसविल में एडिसन ने Western Union के एक कर्मचारी के रूप में Associated Press Bureau News Wire में काम किया। एडिसन में निवेदन करके नाईट शिफ्ट ले ली। जिससे की उन्हें पढ़ने और एक्सपेरिमेंट करने के लिए अधिक समय मिल सके। जो की एडिशन के पसंदीदा काम थे। साल 1867 में जब वह एक रात लेड-एसिड बैटरी पर काम कर रहे थे। तो उन्होने सल्फ्यूरिक एसिड गिरा दिया। जो उनके बोस की डेस्क पर चला गया। जिसके चलते एडिसन को अगले दिन सुबह नौकरी से निकाल दिया गया।

एडिसन को पढ़ने और एक्सपेरिमेंट करने का काफी शौक था जिसके चलते वह नई -नई चीजों पर काम करते रहते थे। उनका पहला पेटेंट इलेक्ट्रिक वोट रिकॉर्ड के लिए था। जो उन्हें साल 1869 के जून के महीने में मिला था। इसके बाद मशीनो की मांग को देखते हुए एडिसन न्यू यॉर्क सिटी चले गए। जहा उनके सलाहकार Franklin Leonard Pope रहते थे। उन्होंने अपने न्यू जर्सी के घर पर युवाओ को रहने और काम करने की इजाजत दी हुई थी। और एडिसन भी उन्ही में शामिल हुए। पॉप और एडिसन ने मिलकर 1969 में खुद की एक कम्पनी शुरू की। जहा वह इलेक्ट्रिक इंजीनियर और इन्वेंटर के तौर पर काम करते थे।

साल 1874 में एडिसन ने Multiplex Telegraphic System पर काम करना शुरू किया। जो एक साथ दो मैसेज भेज सकता था। Edison ने जब इसे पब्लिक किया तो उन्हें लग रहा था। वह इसे मुश्किल से ही 4 से 5 हजार डॉलर में बेच सकेंगे। जिसके चलते एडिसन ने Western Union को इस पर बोली लगाने के लिए कहा। एडिसन को अपने इस आविष्कार के लिए उनकी सोच से कही ज्यादा यानि की 10 हजार डॉलर मिले। जो आज के समय के अनुसार करीब 2.3 लाख डॉलर से भी अधिक हैं। यह एडिसन की एक बड़ी वित्तीय सफलता थी। एडिसन ने इन पैसो को एक इंडस्ट्रियल रिसर्च लैब बनाने में लगाया। जो न्यू जर्सी के Middlesex County में थी। वहा हुए अधिकतर आविष्कारों का श्रेय एडिसन को दिया गया।

एडिसन ने इस अनुसन्धान में कई आविष्कार किये। और उनमे से कई पर बिजनेस भी किया। साल 1978 में एडिसन ने एक ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर काम करना शुरू किया। जिसके बारे में उन्हें लग रहा था कि यह मशाल और आग के उपयोग को रौशनी देने के मामले में रिप्लेस कर सकती हैं। एडिशन ने इस क्षेत्र में हुए पहले के सभी आविष्कारों का अध्ययन किया। और उनमे इम्प्रूवमेंट शरू किया। एडिसन ने पिछले आविष्कारों से सीखते हुए कंप्रेस्ड लैम्पब्लैक के साथ कार्बोनेटेड कार्डबोर्ड से बने फिलामेंट का उपयोग करने की कोशिश की। लेकिन यह भी काफी तेजी से जल गया।

एडिसन ने ठान लिया था की उन्हें एक ऐसे उपकरण या फिर कहा जाये तो टेक्नोलॉजी का आविष्कार करना है। जो रोशनी देने के लिए उपयोग होने वाले तेल और आग के सिस्टम को रिप्लेस करे। एडिसन बार बार अलग अलग तरीको और तत्वों का उपयोग करते हुए प्रयोग करते रहे। अंत में उन्होंने एक ऐसा प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिक लैंप तैयार कर लिया। जिसमे कार्बोनेट फिलामेंट का उपयोग किया गया था। इसके बाद उन्होंने इसे बेचने के लिए कम्पनी का गठन भी किया। जो इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कम्पनी भी थी। एडिसन ने पूरी दुनिया तक बल्ब का आविष्कार पहुचाया। जिससे रात के समय मे भी रोशनी प्राप्त करना सम्भव हो सका।

Thomas Alva Edison के आविष्कार

थॉमस अल्वा एडिसन कभी स्कुल नहीं गए। उनके अधिक जिज्ञासु होने के कारण उन्हें स्कुल से निकाल दिया गया। और उन्होंने अपने जीवन में कभी की किसी बड़ी या लोकप्रिय यूनिवर्सिटी में भी अध्ययन नहीं किया। लेकिन फिर भी वह दुनिया सबसे बड़े आविष्कारकों और व्यवसाइयों में से एक रहे हैं। थॉमस अल्वा एडिशन को उनके बल्ब के आविष्कार के लिए जाना जाता हैं। लेकिन उन्हें कई आविष्कारों का श्रेय दिया जाता हैं।

थॉमस के द्वारा किये गए मुख्य आविष्कार कुछ इस प्रकार हैं-

  • Incandescent light bulb
  • Gramophone
  • Film
  • Kinetoscope
  • Movie camera
  • Phonograph cylinder
  • Electric pen
  • Mimeograph
  • Phonomotor
  • Vitascope
  • Kinetophone
  • Kinetograph
  • Electric power distribution
  • Carbon microphone
  • Vacuum diode
  • Quadruplex telegraph
  • Tasimeter

यह थे थॉमस अल्वा एडिशन के कुछ मुख्य अविष्कार। इनके अलावा भी उन्हें कई आविष्कारों का श्रेय दिया जाता है और साथ में उन्होंने कई आविष्कारों में अन्य लोगो की मदद भी की हैं। वह अपने समय में कई व्यवसाइयों और वैज्ञानिको की प्रेरणा हुआ करते थे।

निष्कर्ष!

आज हम जितनी भी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। वह सब किसी समय में किसी व्यक्ति के द्वारा की गयी कल्पना का नतीजा ही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार जब थॉमस एल्वा एडिसन बल्ब का आविष्कार करना चाह रहे थे। तब उन्हें 1000 बार असफलता मिली। लेकिन इतनी असफलताओ के बाद भी वह नहीं रुके। और अंत में उन्होंने एक प्रेक्टिकल बल्ब बना ही डाला। लेकिन कई लोगो को आज भी यह नहीं पता की ‘बल्ब का आविष्कार कब हुआ‘ और ‘बल्ब का आविष्कार किसने किया था‘। यही कारण हैं की हमने यह लेख तैयार किया हैं। जिससे की हम हर किसी तक यह जानकारी आसान भाषा में पंहुचा सके।

यदि आपको बल्ब से संबंधित जुड़े कोई भी सवाल जवाब चाहते हैं तो हमें नीचे कॉमेंट करके ज़रूर बताएँ। बल्ब का आविष्कार किसने किया था? दुनिया में सबसे पहले बल्ब बनाने वाले वैज्ञानिक का नाम क्या था? Bulb आविष्कार कब हुआ था? आपको यह जानकारी कैसी लगी। यदि अच्छी लगी यह तो इसे सोशल मीडिया जैसे फ़ेसबुक वॉट्सऐप बार ज़रूर शेयर करें। ताकि हम और भी अच्छे तरीक़े से जानकारी आपके लिए जुटा सकें। Thank you.

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